दोस्तों, यदि आप भी टैक्स ITR form भरना चाहते है तो ITR फॉर्म चुनने में न करें गलती! जानें आपके लिए कौन सा ITR फॉर्म सही है (ITR-1 से ITR-7 तक) यह एक अहम सवाल है कि आपके लिए Kaun Sa ITR Form Sahi Hai। जिसका पूरी जानकारी आप इसी लेख के माध्यम से समझ सकते हैं।
आपके लिए कौन सा ITR फॉर्म सही है? ITR चुनने में न करें गलती!
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय सबसे पहली और ज़रूरी बात यह जानना है कि आपको कौन सा ITR फॉर्म भरना होता है। अगर आप गलत ITR फॉर्म चुन लेते हैं, तो आपका रिटर्न डिफेक्टिव (defective) हो सकता है और आपको उसे दोबारा फाइल करना पड़ सकता है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अलग-अलग तरह की इनकम वाले लोगों के लिए अलग-अलग ITR फॉर्म बनाए हैं। आपको अपनी आय के अनुसार (sources of income) के हिसाब से सही फॉर्म का चुनाव करना होता है। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि आपके लिए कौन सा ITR फॉर्म सही रहेगा.
जानिए कौन सा ITR फॉर्म सही है
भारत में मुख्य रूप से 7 तरह के ITR फॉर्म हैं, जिनमें से ITR-1 से ITR-4 आम लोगों के लिए और छोटे बिज़नेस के लिए सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होते हैं।
1. ITR-1 (सहज – Sahaj)
यह सबसे आसान ITR फॉर्म है और ज़्यादातर सैलरीड क्लास के लोगों के लिए होता है।
- कौन भर सकता है:
- वह व्यक्ति जो भारत का निवासी हो।
- जिनकी कुल आय ₹50 लाख तक हो।
- जिनकी आय सैलरी या पेंशन से आती हो।
- जिनकी आय एक हाउस प्रॉपर्टी (किराए का घर) से आती हो।
- जिनकी आय अन्य स्रोतों (जैसे सेविंग अकाउंट का ब्याज) से आती हो।
- कृषि से ₹5,000 तक की आय वाले।
- कौन नहीं भर सकता:
- जिनकी आय ₹50 लाख से ज़्यादा हो।
- जिनकी आय एक से ज़्यादा हाउस प्रॉपर्टी से आती हो।
- जिन्हें कैपिटल गेन (शेयर या प्रॉपर्टी बेचने से फायदा) हुआ हो।
- जो बिज़नेस या प्रोफेशन से आय कमाते हों।
- जिनके पास विदेशी संपत्ति हो।
2. ITR-2
यह फॉर्म उन व्यक्तियों और HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) के लिए होता है जिनकी आय ITR-1 भरने की शर्तों से ज़्यादा जटिल होती है।
- कौन भर सकता है:
- वह व्यक्ति जो भारत का निवासी हो।
- जिनकी आय ₹50 लाख से ज़्यादा हो।
- जिनकी आय एक से ज़्यादा हाउस प्रॉपर्टी से आती हो।
- जिनको कैपिटल गेन (जैसे शेयर, प्रॉपर्टी, म्यूचुअल फंड बेचने से फायदा) हुआ हो।
- विदेशी आय या विदेशी संपत्ति वाले।
- कौन नहीं भर सकता:
- जो बिज़नेस या प्रोफेशन से आय कमाते हों।
3. ITR-3
यह फॉर्म उन व्यक्तियों और HUF के लिए है जिनकी आय बिज़नेस या प्रोफेशन से आती है।
- कौन भर सकता है:
- वह व्यक्ति या HUF जिनकी आय किसी बिज़नेस या प्रोफेशन से हो (जैसे डॉक्टर, वकील, दुकानदार)।
- शेयर मार्केट ट्रेडिंग या स्पेकुलेशन से आय वाले।
- जिनकी आय एक से ज़्यादा हाउस प्रॉपर्टी से आती हो।
- जिनको कैपिटल गेन हुआ हो।
4. ITR-4 (सुगम – Sugam)
यह ITR-4 फॉर्म छोटे बिज़नेस और प्रोफेशनल्स लोगो के लिए है, जो प्रिजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम (Presumptive Taxation Scheme) का फायदा लेना चाहते हैं।
- कौन भर सकता है:
- वह व्यक्ति या HUF जो भारत का निवासी हो।
- जिनकी कुल आय ₹50 लाख तक हो।
- जिनकी आय बिज़नेस या प्रोफेशन से हो और वे प्रिजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम (सेक्शन 44AD, 44ADA या 44AE) चुनते हों।
- जिनकी आय सैलरी या पेंशन से आती हो।
- एक हाउस प्रॉपर्टी और अन्य स्रोतों से आय वाले।
- कौन नहीं भर सकता:
- जिनकी आय ₹50 लाख से ज़्यादा हो।
- जिनके पास विदेशी संपत्ति हो।
- जिनको कैपिटल गेन हुआ हो।
अन्य ITR Form (ज्यादातर कंपनियों और ट्रस्ट के लिए):
- ITR-5: पार्टनरशिप फर्म, LLP (लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप), AOP (एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स) और BOI (बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स) के लिए।
- ITR-6: ऐसी कंपनियों के लिए जो सेक्शन 11 के तहत छूट का दावा नहीं करतीं।
- ITR-7: ऐसी कंपनियों और व्यक्तियों के लिए जो सेक्शन 139(4A), 139(4B), 139(4C), या 139(4D) के तहत रिटर्न भरते हैं (जैसे ट्रस्ट, पॉलिटिकल पार्टी)।
सही ITR फॉर्म कैसे चुनें? एक आसान तरीका
सही ITR फॉर्म चुनते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- अपनी आय के स्रोत पहचानें: आपकी इनकम कहाँ से आ रही है? (सैलरी, बिज़नेस, किराया, शेयर, विदेश से?)
- कुल आय देखें: क्या आपकी कुल आय ₹50 लाख से ज़्यादा है?
- क्या आप बिज़नेस या प्रोफेशन से कमाते हैं?
- क्या आपके पास एक से ज़्यादा घर हैं या कोई विदेशी संपत्ति?
इन सवालों के जवाब आपको सही ITR फॉर्म तक पहुंचने में मदद करेंगे।
निष्कर्ष
सही ITR फॉर्म चुनना आपके इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग का पहला और सबसे ज़रूरी कदम होता है। गलत फॉर्म चुनने से अनावश्यक परेशानी हो सकती है। अपनी आय के स्रोतों और प्रकार को ध्यान में रखते हुए, आप ऊपर दी गई जानकारी की मदद से अपने लिए सही फॉर्म का चुनाव कर सकते हैं।
अगर आपको अभी भी उलझन है कि आपके लिए कौन सा फॉर्म सही है, तो घबराएं नहीं! आपको किसी अच्छे इनकम टैक्स एक्सपर्ट्स से सलाह ले सकते हैं। और इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें।